कानपुर से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर दिया। यह केवल एक मेडिकल लापरवाही की खबर नहीं थी, बल्कि एक बेटे के दर्द, एक माँ की पीड़ा और एक अधिकारी की इंसानियत की ऐसी कहानी थी जिसने लाखों लोगों का दिल छू लिया।
ITBP जवान विकास सिंह अपनी माँ के इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर लगा रहे थे। उन्हें उम्मीद थी कि उनकी माँ जल्द ठीक हो जाएँगी, लेकिन इलाज में कथित लापरवाही के कारण उनकी माँ का हाथ काटना पड़ा। जब उन्हें लगा कि सिस्टम उनकी आवाज नहीं सुन रहा, तब उन्होंने ऐसा कदम उठाया जिसने पूरे देश को झकझो
र कर रख दिया।
र कर रख दिया।
अपनी माँ का कटा हुआ हाथ थर्माकोल बॉक्स में लेकर वे पुलिस कमिश्नर ऑफिस पहुँच गए और न्याय की गुहार लगाने लगे। यह दृश्य देखकर हर किसी की आँखें नम हो गईं।
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा ITBP कमांडेंट गौरव प्रसाद की हुई, जिन्होंने अपने जवान का साथ नहीं छोड़ा। वे खुद जवान के समर्थन में खड़े हुए और इंसानियत, जिम्मेदारी और नेतृत्व की ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी आज पूरे देश में चर्चा हो रही है।
यह कहानी केवल एक जवान की लड़ाई नहीं, बल्कि न्याय, संवेदनशीलता और इंसानियत की सच्ची तस्वीर बन चुकी है।

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